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गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ में कब और कितनी बार डॉकà¥à¤Ÿà¤° के पास जांच के लिठजाà¤à¤‚
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾
जैसे ही आपको लगे की आप गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¤à¥€ है आपको डॉकà¥à¤Ÿà¤° से जरà¥à¤° मिलना चाहिठकà¥à¤¯à¥à¤•ी आज कल पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी से समà¥à¤¬à¤¨à¥à¤§à¥€ बहà¥à¤¤ सी परेशानिया देखने को मिलती है| साथ ही महिलाà¤à¤‚ जिनको पहले से ही कà¥à¤› सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿à¤¯à¤¾ है या गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के दौरान विकसित हो सकती है उनके लिठबहà¥à¤¤ जरूरी है की वो समय-समय पर डॉकà¥à¤Ÿà¤° से मिले | किशोर गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ या 35 वरà¥à¤· से अधिक की महिलाये जो की पहली बार मां बनने जा रही हहै उनके लिठजोखिम जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ माना जाता है और उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ अतà¥à¤¯à¤§à¤¿à¤• चिकितà¥à¤¸à¤• देखà¤à¤¾à¤² की आवशà¥à¤¯à¤•ता हो सकती है | जिनती जलà¥à¤¦à¥€ आप डॉकà¥à¤Ÿà¤° से मिलेंगी उनà¥à¤¤à¥€ ही जलà¥à¤¦à¥€ परेशानी की पहचान की जा सकती है और आपको गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ और पà¥à¤°à¤¸à¤µ को सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¿à¤¤ करने ले लिठपà¥à¤°à¤¬à¤‚धित किये जा सकते है | पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी में परेशानियों से बचने और बचà¥à¤šà¥‡ के विकास के लिठआपको डॉकà¥à¤Ÿà¤° से मिलना जरूरी होता है|हर à¤à¤• विजिट का अलग मकसद होता है। हम इस दौरान आपके शरीर के लकà¥à¤·à¤£à¥‹à¤‚, जांच और आपके विचारों पर बाते करते हैं, आपकी मेडिकल सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ देखने के लिठआपको कà¥à¤› टेसà¥à¤Ÿ à¤à¥€ लिखे जाते हैं।
कितनी बार मिलना चाहिठडॉकà¥à¤Ÿà¤° से गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के दौरान / How Often One Should Visit Doctor During Pregnancy in Hindi
पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी के शà¥à¤°à¥à¤†à¤¤à¥€ 6 महीने में 3 से 4 हफà¥à¤¤à¥‹à¤‚ के अंतराल पर आपको डॉकà¥à¤Ÿà¤° से मिलना होता है। पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी बà¥à¤¨à¥‡ के साथ डॉकà¥à¤Ÿà¤° से मिलने का सिलसिला à¤à¥€ बà¥à¤¤à¤¾ है। हर à¤à¤• विजिट का अलग मकसद होता है। हम इस दौरान आपके शरीर के लकà¥à¤·à¤£à¥‹à¤‚, जांच और आपके विचारों पर बाते करते हैं, आपकी मेडिकल सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ देखने के लिठआपको कà¥à¤› टेसà¥à¤Ÿ à¤à¥€ लिखे जाते हैं।
26-28 हफà¥à¤¤à¥‡ में 2- हफà¥à¤¤à¥‹à¤‚ में आपको डॉकà¥à¤Ÿà¤° से मिलना जरà¥à¤°à¥€ होता है |इन हफà¥à¤¤à¥‹à¤‚ में आपके बचà¥à¤šà¥‡ का विकास और उसकी सेहत पर नजर रखा जाता है |डॉकà¥à¤Ÿà¤° कà¥à¤› छोटी चीजों का à¤à¥€ खयाल रखता है जैसे आपकी सेहत, à¤à¤Ÿà¤¿à¤Ÿà¥à¤¯à¥‚ड, परिवार का सपोरà¥à¤Ÿ और इतà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¿à¥¤ डॉकà¥à¤Ÿà¤° हर à¤à¤• विजिट के लिठकà¥à¤› अलग पà¥à¤²à¤¾à¤¨ करके रखता है, यह अलग-अलग केस में अलग सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ होती है |
नौवें महीने के दौरान सपà¥à¤¤à¤¾à¤¹ में à¤à¤• बार अपने डॉकà¥à¤Ÿà¤° से मिलने जाये |यह महिना आपके पूरी गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ का आखरी महिना होता है और जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾à¤¤à¤° महिलाये इस महीने अशांत हो जाती है कà¥à¤¯à¥à¤•ी बचà¥à¤šà¤¾ बड़ा ह जाता है और आपको परेशानिया होना शà¥à¤°à¥‚ हो जाती है |इस समय धैरà¥à¤¯ रखना बहà¥à¤¤ जरूरी होता है और साथ ही आपको सलाह और देख-रेख की à¤à¥€ जरूरत होती है |
अपने डॉकà¥à¤Ÿà¤° के बताठपà¥à¤²à¤¾à¤¨ पर ही चलें, यह काफी आसान और सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¿à¤¤ है, और इस बात की संà¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾ काफी कम है की कà¥à¤› ज़रूरी मिस होगा।अगर à¤à¤• खांसी या जà¥à¤•ाम कà¥à¤› दिनों में नहीं जाठतो आपको डॉकà¥à¤Ÿà¤° को फोन करने से अचà¥à¤›à¤¾ उससे मिलना चाहिà¤à¥¤ पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी में इनà¥à¥žà¥ˆà¤•शन काफी खतरनाक हो जाता है। अगर डॉकà¥à¤Ÿà¤° दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ बताठगठदरà¥à¤¦ से अलग पेट में कà¥à¤› अजीब से दरà¥à¤¦ हो तो आपको अपने डॉकà¥à¤Ÿà¤° से तà¥à¤°à¤‚त मिलना चाहिà¤à¥¤
वैसे तो हर महीने डॉकà¥à¤Ÿà¤° से आप मिलेंगी ही पर कà¥à¤› à¤à¤¸à¥€ सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ जैसे की à¤à¤• पाà¤à¤µ का सूजना या दोनों पाà¤à¤µ का बà¥à¤°à¥€ तरह सूजना,सांस लेने में दिकà¥à¤•त,अगर इनà¥à¥žà¥ˆà¤•शन का शक हो, जैसे गले में दरà¥à¤¦, यूरिन में खून निकलना, बà¥à¤–ार, पस से à¤à¤°à¥€ सूजन,ज़à¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ ही उलà¥à¤Ÿà¥€ होना,पेट में खाना ना रख पाना,योनी से खून निकलना या ज़à¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ दà¥à¤°à¤µ निकलन,बचà¥à¤šà¥‡ का कम हिलना और कोई à¤à¤¸à¥‡ लकà¥à¤·à¤£ जो आपको अजीब लगें तो अपने डॉकà¥à¤Ÿà¤° से तà¥à¤°à¤‚त संपरà¥à¤• करें ।
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